Monday, 17 September 2018

नमस्कार दोस्तों, दोस्तों प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नाक के नीचे से हो रही एक के बाद  एक लापरवाही सबूत के साथ पोस्ट कर रहा हूँ इन पर गौर फरमाएँ और सही लगें तो इस पोस्ट अपने मित्रों को शेयर जरूर करें क्योंकि यह खबर देश ही नहीं दुनिया की सबसे बड़ी समस्या से संबंधित है।  
  
दुनिया की सबसे बड़ी समस्या, विश्व जलवायु परिवर्तन के समाधान को लेकर वैज्ञानिकों से लेकर मंत्रालय और प्रधान मंत्री कार्यालय तक हो रही लापरवाही के सबूत ही सबूत।

दोस्तों हर वर्ष हजारों लाखों करोड़ रु के जान माल के नुकसान के साथ सूखे और बाढ़ से होने वाली परेशानियों की मुख्य वजह ग्लोबल वार्मिंग हैं। 

दोस्तों मेरा नाम राजेंद्र कुमार नाँगिया है मैं एक अविष्कारक हूँ देश और दुनिया के हीत के लिए कई अविष्कार करके उनके पेटेंट भी फाइल कर चूका हूँ और एक US PATENT होल्डर भी हूँ, आज मेरी कई टैकनोलजी देश ही नहीं दुनिया के देशों में यूज हो रही है आप भी बैंक बैलेंस जानने या वोटिंग करने के लिए मिस्ड कॉल टैकनोलजी का यूज करते होंगे, भारत में मेरे नाम पर इस टैकनोलजी का पेटेंट पैन्डिंग है और US में मुझे पेटेंट मिल चूका है। 

2015 में प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी कि सार्वजनिक अपील के बाद मैनें ग्लोबल वार्मिंग पर रिसर्च की और ग्लोबल वार्मिंग कंट्रोलिंग सिस्टम डिजाइन किया और जितनी छमता थी उस हद तक इस सिस्टम को बनाने में कामयाब हुआ, पहली कामयाबी मिलने के बाद मैनें देश के उन सभी मंत्रालयों व विभागों को पत्र के माध्यम से जानकारी दी और टैकनोलजी से अवगत करवाने के लिए लाइव डैमों बना कर मंत्रालयों के चकर लगाता रहा।  

दोस्तों मेरे पत्र व टैकनोलजी समझने में मंत्रालय के वैज्ञानिक असमर्थ रहे और हर बार गोलमोल रिप्लाई करते रहे मैं हर बार अलग अलग तरिके से लिखता रहा कि कोई न कोई पत्र तो समझ में आएगा, हर बार रिप्लाई गोलमोल ही मिलता कभी संक्षेप में बताओ कभी डिटेल में बताओ कभी यह मिनिस्ट्री ऑफ़ साइंस एन्ड टैकनोलजी से रिलेटिड है कभी मिनिस्ट्री ऑफ़ पर्यावरण फारेस्ट एन्ड क्लाइमेंट चेंज से रिलेटिड है कभी मिनिस्ट्री ऑफ़ रोड एन्ड ट्रांसपोर्ट से संबंधित है कभी मिनिस्ट्री और वाटर रिसोर्सेस से संबंधित है ऐसे करते करते दो वर्ष से मेरा शोषण किया जाता रहा लेकिन मैनें हार नहीं मानी और  मैनें अपने अविष्कार से संबंधित कौंसैप्ट नोट व प्रधान मंत्रीजी मीटिंग की रिक्वैस्ट भेजता रहा और हर बार सरकारी तंत्र के अधिकारीयों की अनदेखी होती रही, दो वर्ष ऐसे करते करते दो वर्ष बीत गए और मुझे समझ में आने लगा की पीएमओपीजी पोर्टल को जानबूझ कर इस प्रकार डिजाइन किया गया है जिससे किसी सरकारी अधिकारी पर कभी कोई गाज न गिरे, फिर मैनें पीएमओ पीजी पोर्टल में कई सजैशन दिए और लगातर दो चार महीने तक शिकायत करता रहा कुछ सुधार हुआ लेकिन कोई खास फायदा नहीं हुआ जब बार बार मुझे गोलमोल रिप्लाई आने लगे जिससे मैं तंग हो गया तब मैनें रिक्वैस्ट करने की जगह देश के उन सब वैज्ञानिकों को चैलेंज किया जो ग्लोबल वार्मिंग को कंट्रोल करने की सरकारी खजाना खा रहे हैं और देश -विदेश में जाकर सरकारी पैसे बर्बाद कर रहे हैं और लम्बी लम्बी हांकते है लेकिन कर कुछ नहीं पा रहे, मेरी चुनौती से डर कर मिनिस्टर ऑफ़ पर्यावरण, फारेस्ट एन्ड क्लाइमेंट चेंज के सीनियर वैज्ञानिक श्री शरद साइंटिस्ट D नें मुझे पत्र भेजा यह पत्र F.No. 2/1/2016 -CC (VOL.IV) गोवेर्मेंट ऑफ़ इंडिया  मिनिस्टर ऑफ़ पर्यावरण, फारेस्ट एन्ड क्लाइमेंट चेंज  का है इस पत्र में मुझसे ग्लोबल वार्मिंग कंट्रोलिंग सिस्टम का कौंसैप्ट नोट माँगा आगे की जरूरी कार्यवाही करने के लिए। 

मैनें मात्र 35 पेज का एक कौंसैप्ट नोट बनाया और  मिनिस्टर ऑफ़ पर्यावरण, फारेस्ट एन्ड क्लाइमेंट चेंज  को  जमा करवाया दिनांक 23/05/2018 को मैनें अपने कौंसैप्ट नोट की कुछ डिटेल खुले पन्नो  में भेजी और टैक्नीकल डिटेल सील बंद लिफाफे में कुछ शर्तों के साथ भेजी, मेरी शर्तें बहुत ही जायज थी जैसे की मेरे इस अविष्कार को मिनिस्टर ऑफ़ पर्यावरण, फारेस्ट एन्ड क्लाइमेंट चेंज  मेरी बिना इजाजद के किसी तीसरी कम्पनी या खुद से बना कर लॉन्च नहीं करेगी, दूसरी शर्त थी की कभी भी इस टैकनोलजी को कोई भी अवॉर्ड मिलेगा तो उसमें मेरा भी नाम होना चाहिए दोनों ही शर्ते जायज थीं।  

दिनांक 20 /07 /2018 को मिनिस्टर ऑफ़ पर्यावरण, फारेस्ट एन्ड क्लाइमेंट चेंज के सीनियर वैज्ञानिक नें मेरे कौंसैप्ट नोट को बिना पढ़े ही सीलबंद लिफाफा वापस लेजाने के लिए मुझे पत्र भेज दिया इस पत्र में गोल मोल करके दो बातें सजैशन के रूप में लिखित दी गई हैं, पहली बता बताई गई है की  मिनिस्टर ऑफ़ पर्यावरण, फारेस्ट एन्ड क्लाइमेंट चेंज के वैज्ञानिक कोई रिचर्च नहीं करते जोभी रिसर्च की जरूरत होती है उसे बाहर से मान्यता प्राप्त इंस्टीटूट या एजैंसियों से करवाते हैं, दूसरी बात लिखी है की आप स्टार्टअप इंडिया के तहत लोन लेकर इस सिस्टम को बनाओ।

दोनों ही बातें यह जाहिर करती हैं कि देश में काम के नाम पर खाना पूर्ति ही की जा रही है, जब किसी बड़ी कम्पनी से कोई प्रोडैक्ट खरीदना होता है तो 24 घंटे में ही 500 पेज की रिपोर्ट पढ़ भी ली जाती है और समझ भी ली जाती है और 500 पेज के एग्रीमेंट भी बना लिए जाए हैं उस वक्त टाइम कहां से मिल जाता है ????? 

दोस्तों इस पोस्ट को अधिक से अधिक शेयर करो, जो लोग प्रधानमंत्री कार्यालय में बैठे हैं और बार बार मेरे पत्रों को दबा रहे हैं उन्हें भी पता चले की सोशल मीडिया में कितनी ताकत है। 

दोस्तों मैं सभी पत्र पोस्ट कर रहा हूँ आप चैक कर सकते हैं।  

जब जब मैनें प्रधान मंत्री कार्यालय को मिनिस्टर ऑफ़ पर्यावरण, फारेस्ट एन्ड क्लाइमेंट चेंज की इस तरहं काम करने की शिकायत कि है तब तब मेरी शिकयतों पर गोलमोल रिप्लाई ही मुझे मिला है, इस बात से साफ हो जाता है कि पीएमओ में काम करने वाले अधिकारी भी  जानते हैं की देश के प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ऐसे ही जुमले छोड़ते हैं, या फिर पीएमओ के अधिकारी भी नहीं चाहते की ग्लोबल वार्मिंग का सल्यूशन दुनिया को मिले।    

एक तरफ मोदी जी देश जनता से बार बार अपील कर रहे हैं कि कोई उनकों ग्लोबल वार्मिंग का सल्यूशन बना कर दे और जब कोई बार बार लैटर लिखता है और बताता है कि सल्यूशन मिल गया है तब मोदी जी के कुछ अधिक ही पढ़े लिखे हैं जो बंद लिफाफे को पढ़ लेते हैं या भारतीय वैज्ञानिकों के पास समय ही नहीं है समझने के लिए। 

चपड़ासी से लेकर प्रधान मंत्री हम भारतीय लोगों के टैक्स के रूप में दिए हुए पैसा से हमारा ही शोषण कर रहे हैं और हम कुछ नहीं कर पा रहे ऐसा क्यों ????????? 

Grievance Status for registration number : PMOPG/E/2018/0396472

Grievance Concerns To
Name Of Complainant
anju Nangia
Date of Receipt
19/08/2018
Received By Ministry/Department
Prime Ministers Office
Grievance Description
शर्म करो पीएमओ में बैठे अधिकारियो, यह न्यूज़ देखो और समझो 2015 से आज तक प्रधान मंत्री जी ग्लोबल वार्मिंग का सल्यूशन ढूंढ रहे हैं यह न्यूज Mar 11, 2018 https://www.youtube.com/watch?v=bxHtdGHC1Sg की है इस लिंक को देखो। जिसका सब्जैक्ट PM Modi suggests turning to Vedas to combat climate change. इन दोनों न्यूज को भी देखों और समझो की प्रधान मंत्री जी कितने परेशान है और दुनियां किस स्तिथि पर खड़ी है। https://www.youtube.com/watch?v=EQsDxbNp38A https://www.youtube.com/watch?v=s1v68ni3RXA शर्म करो पिछले तीन वर्षों से मैं बार बार आपको ग्लोबल वार्मिंग कंट्रोलिंग सिस्टम की जानकारी दे रहा हूँ, और यह जानकारी देते देते मैं परेशान हो चूका , पूरा सिस्टम बना कर Ministry of Environment, Forest and Climate Change Government of India. को भी दे चूका हूँ। उसके बाद भी कोई नतीजे पर सरकार नहीं पहुंची, मैनें काफी स्पष्ट शब्दों में पीएमओ की ईमेल ID CEO@mygov.in, एंड connect@mygov.nic.in पर इ मेल ID rknangia@emproindia.com से दिनांक 11 August 2018 at 13:23 पर भेजी गई है इस इ मेल में मैनें काफी हद तक लिखित दिया है कि Ministry of Environment, Forest and Climate Change (MoEFCC) की फाइल नंबर 2/1/2016-CC (Vol. iv) का पत्र 21 दिसंबर 2017 date का मुझे प्राप्त हुआ उस पत्र के मुताबित मंत्रालय के वैज्ञानिकों नें मुझसे ग्लोबल वार्मिंग कंट्रोलिंग सिस्टम का एक कांसेप्ट नोट माँगा था. मैनें मिनिस्ट्री में जाकर उस सिनियर वैज्ञानिक से मुलाकात की जिसने मुझे पत्र भेजा था उन्होंने मुझे कहा कि हमने आपके पुराने पत्र पढ़े हैं, हम एक बार आपके पुरे सिस्टम को समझना चाहते हैं आप हमें अपनी भाषा में एक कॉन्सैप्ट नोट बनाकर दें, आपके कॉन्सैप्ट नोट को समझा जाएगा और उसके बाद जोभी हमारे वैज्ञानिकों के प्रशन होंगे उनके उत्तर आपको देने होंगे, हम तुम्हे एक मौका जरूर देंगें। जैसा की उन्होंने बताया था उस हिसाब से मैनें, उस हिसाब से काफी स्पष्ट शब्दों में एक कौंसैप्ट नोट बनाया उसके मुख्य बिंदुओं को सील बंद किया जिसके ऊपर मैनें कुछ अपनी कंडीशन लिखी जोकि जायज हैं उस कौंसैप्ट नोट के चार सैट बनाए, पहला सैट जॉइंट सेक्रेटरी श्री रवि एस प्रसाद Ministry of Environment, Forest and Climate Change (MoEFCC व दूसरा सैट Shri Shard, Scientist- D Ministry of Environment ,forest climate change को भेजा तीसरा सैट Ministry of Environment ,forest climate change के मिनिस्टर डॉ हर्ष वर्धन जी के नाम उनके आवास पर भेजा चौथा सैट आपको आपके आवास पर इस लिए भेजा क्योंकि आपके ऑफिस में तो मैं पिछले चार साल से एक के बाद एक कई पत्र भेज चूका हूँ, इस लिए प्रधान मंत्री जी मैनें आपके आवास 7 लोक कल्याण मार्ग वाले एड्रेस पर एक सैट के स्पीड पोस्ट से 25 / 05/ 2018 को भेजा था जिसका सब्जैक्ट ग्लोबल वार्मिंग कंट्रोलिंग सिस्टम है, तीन चार दिन बाद मैं श्री हर्ष वर्धन जी से उनके निवास पर मिलकर भी आया, डॉ हर्ष वर्धन जी नें मुझे Mr. Hardik Shah, PS – Minister of Environment, Forest and Climate के पास भेजा उन्होंने उस दिन तो अच्छा रिस्पॉन्स दिया। उसके दो महीने बाद मेरे सील बंद पैकेट को बिना खोले ही वापस कर दिया गया , मात्र 20 से 25 पेज की रिपोर्ट तक पढ़ने का टाइम नहीं है देश के Ministry of Environment ,forest climate change के अधिकारीयों के पास और प्रधान मंत्री जी बार बार ग्लोबल वार्मिंग को कंट्रोल करने के लिए रिक्वैस्ट करते हैं। लेकिन आप लोगों को कोई मतलब नहीं है मेल आए या स्पीड पोस्ट आए या pmopg पोर्टल पर कोई रिक्वैस्ट आए, आप लोग सिर्फ खाना पूर्ति करने में लगे हुए हैं, यह शर्म से दुब मरने की बात है. अगर यह पत्र किसी भी ईमानदार व्यक्ति के हाथ लग जाए तो आज बेशर्म न बन कर देश सेवा करने का यह मौका मत खोना और, मुझे प्रधान मंत्री जी से एक मुलाकात का वक्त दिलवाने का प्रयास जरूर, करना आपका धन्यवाद। प्रार्थी राजेंद्र कुमार नांगिया अविष्कारक https://www.youtube.com/watch?v=bxHtdGHC1Sg https://www.youtube.com/watch?v=EQsDxbNp38A https://www.youtube.com/watch?v=s1v68ni3RXA
Current Status
Case closed
Date of Action
20/08/2018
Reason
Complaint details inadequate or not legible
Remarks
Complaint details inadequate or not legible
Officer Concerns To
Officer Name
Shri Ambuj Sharma
Officer Designation
Under Secretary (Public)
Contact Address
Public Wing 5th Floor, Rail Bhawan New Delhi
Email Address
ambuj.sharma38@nic.in
Contact Number
011-23386447
==========================================================================

Details for registration number : PMOPG/E/2018/0402065

Name Of ComplainantRajender Nangia
Date of Receipt23/08/2018
Received By Ministry/DepartmentPrime Ministers Office
Grievance Description
विषय ग्लोबल वार्मिंग पर पीएमओ और Ministry of Environment ,forest climate change को अंतिम चेतावनी। पीएमओ में काम करने वाले पढ़े लिखे अधिकारियो आपको मेरा शत शत नमन। पढ़े लिखे अधिकारियो मुझे यह तो बताओ कि आपको मेरी इस ग्रीवेंस नंबर PMOPG/E/201/0396472 में क्या समझ में नहीं आया या कौन सा पहरा आपको समझ में नहीं आया, कम से कम मुझे बताओ तो सही कि आपको क्या समझ नहीं आया ?.????????????????????????? कृपया इस एटैचमेंट फाइल को जरूर देखें और पूरा पढ़ें।
Current StatusCase closed
Date of Action29/08/2018
ReasonOthers
Remarks में आप साफ देख सकते हैं सरेआम झूठ लिख रहे हैं पीएमओ के अधिकारी यहां लिखा
हुआ है की PMOPG/E/2018/0396472-Appointment request has been sent to concerned unit          Case closed    29/08/2018 से 9 दिन पहले ही इस ग्रिवेंस को क्लोज कर दिया गया है ऊपर
ग्रिवेंस नंबर PMOPG/E/2018/0396472 में पी एम मोदी जी से मीटिंग का कोई जिक्र ही नहीं है date 20/08/2018 सरेआम झूठ लिखते हुए शर्म नहीं आती ऐसे अधिकारीयों को। 
Ref. PMOPG/E/2018/0396472-Appointment request has been sent to concerned unit.
Officer Concerns To
Officer NameShri Ambuj Sharma
Officer DesignationUnder Secretary (Public)
Contact AddressPublic Wing 5th Floor, Rail Bhawan New Delhi
Email Addressambuj.sharma38@nic.in
Contact Number011-23386447